खाड़ी देशों ने ईरानी हमलों की निंदा की, आत्मरक्षा के अधिकार पर ज़ोर दिया।

खाड़ी देशों ने ईरानी हमलों की निंदा की, आत्मरक्षा के अधिकार पर ज़ोर दिया।

अभी-अभी पढ़ा कि जीसीसी देशों ने ईरान के 'नृशंस' हमलों की निंदा की है और अपनी सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई के अपने कानूनी अधिकार पर ज़ोर दिया है। उन्होंने सफल अवरोधों को उजागर किया, लेकिन कूटनीति में वापसी को एकमात्र रास्ता बताया, जिसमें ओमान बातचीत का मध्यस्थ बना हुआ है। हालात दिखाते हैं कि क्षेत्र में गंभीर तनाव बना हुआ है। https://www.thenationalnews.com/news/gulf/2026/03/02/gcc-countries-condemn-heinous-iran-attacks-and-affirm-right-to-respond/

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44 टिप्पणियाँ

तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं। आत्मरक्षा उचित है, पर हालात को और बिगाड़ना किसी के हित में नहीं।

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आखिरकार एक स्पष्ट रुख। पहले नागरिकों की रक्षा करो।

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तगड़ा जवाब ज़रूरी था। खुशी हुई कि वे बीच-बचाव कर पाए, लेकिन असली उपाय तो कूटनीति ही है।

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आशा है कि ओमान शांत करने में मदद करे। कोई भी अधिक संघर्ष नहीं चाहता।

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