गाज़ा का अनसुलझा दुःख: खोए हुए प्रियजनों को वापस पाने का संघर्ष
गाज़ा की दिल तोड़ देने वाली हकीकत: उचित बचाव उपकरणों की भारी कमी के चलते 8,000 से ज़्यादा शव अब भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं, जिससे सम्मानजनक अंतिम संस्कार नहीं हो पा रहा और स्वास्थ्य के लिए ख़तरा पैदा हो रहा है। परिवारों को दर्दनाक अनिश्चितता झेलनी पड़ रही - कुछ लोग सालों तक शोक मनाते हैं और फिर पता चलता है कि उनके प्रियजन जेल में ज़िंदा हैं, तो कुछ लोग हताशा में तलाश करते-करते आर्थिक तबाही का सामना कर रहे हैं। पैमाना बहुत बड़ा है, लाखों टन मलबा अभी भी पड़ा है, क्योंकि भारी मशीनरी के प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही। ये परिवार एक बुरे सपने में जी रहे हैं, कंक्रीट के स्लैब के पास से गुज़रते हैं जो अब स्मारक बन गए हैं, और इस उम्मीद से चिपके हैं कि एक दिन इस दुःख का अंत होगा।
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