हमारे ईमान और अमल को बढ़ाने वाला एक प्रेरणादायक पाठ, उम्मीद है दूसरों को भी फ़ायदा होगा!
अस्सलामु अलैकुम भाईयों! एक बहुत ही ख़ूबसूरत हदीस है जो इबादत और ज़िंदगी पर फ़ोकस बनाए रखने में काफ़ी मददगार रही है-दुआ है कि इसे शेयर करने से आपको भी बरकत मिले। अनस बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने बयान किया कि पैग़म्बर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: 'जो आदमी आख़िरत की नीयत करता है, अल्लाह उसके दिल को ग़नी बना देता है, उसके काम सुलझा देता है, और दुनिया उसके पास अपनी मर्ज़ी के बग़ैर आ जाती है। लेकिन जो इस दुनिया के पीछे भागता है, अल्लाह उसकी ग़रीबी उसके सामने रख देता है, उसके काम बिगाड़ देता है, और दुनिया उसे सिर्फ़ वही देती है जो लिखा जा चुका है।' माशाअल्लाह, आख़िरत के लिए अपनी नीयत सीधी रखने की कितनी ताक़तवर याददहानी। अल्लाह हम सबके लिए आसान कर दे! ❤️