7 रोज़ाना पढ़ने के लिए हलाल और बरकत वाली रिज़्क की दुआएं
अल्लाह SWT ने हर मख़लूक़ की रिज़्क की गारंटी दी है, फिर भी मुसलमानों को कोशिश करने और हलाल व बरकत वाली रिज़्क माँगने की दुआ करने की ताकीद की गई है। यहाँ सात दुआएं हैं जो रोज़ाना अमल में लाई जा सकती हैं।
पहली, हलाल रिज़्क की काफ़ी मिक़दार और क़र्ज़ से बचने की दुआ: अल्लाहुम्मकफ़िनी बिहलालिका 'अन हरामिका व अग़निनी बिफ़द्लिका 'अम्मन सिवाका (हदीस तिर्मिज़ी)। दूसरी, मुफ़लिसी से पनाह माँगने की दुआ: अल्लाहुम्मा इन्नी अ'ऊज़ु बिका मिनल-फ़क़री, वल-क़िल्लती, वज़-ज़िल्लती... (हदीस अबू दाऊद)।
तीसरी, बग़ैर ज़्यादा मेहनत के रिज़्क माँगने की दुआ। चौथी, बरकत वाली और ख़ुशी देने वाली रिज़्क की दुआ। पाँचवीं, क़र्ज़ के बोझ से पनाह की दुआ। छठी, क़र्ज़ अदा करने की तौफ़ीक़ की दुआ। सातवीं, हर काम में आसानी की दुआ।
ये दुआएं क़ुरआन और हदीस से ली गई हैं, और एक मुसलमान के रूहानी इख़्तियार के तौर पर रोज़ पढ़ी जा सकती हैं ताकि अल्लाह SWT से रिज़्क हासिल किया जा सके।
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