बरात की रात - माफी और मध्यस्थता का मौका
शाबान अब मध्य रेखा पर है, और आगे एक बहुत खास रात है - रात-ए-बरा'at (15 से 16 तारीख तक)। ये एक सफाई की रात है: कहते हैं, ये साल के पापों को धो देती है, सच्चे तौबा करने वालों के लिए शफात और सजा से मुक्ति देती है। सबसे बड़ा सवाल ये है कि खुद को दुनिया और शैतान से दूर कैसे रखें ताकि रात के इबादत में लगे रह सकें। इसके अलावा, अल्लाह इस रात बहुत से लोगों को माफ कर देता है, सिवाय उन लोगों के जो दिल में नफरत रखते हैं या बड़े पापों में अड़े रहते हैं। टालें मत - इस रात का इस्तेमाल करें अल्लाह से माफी मांगने और दुश्मनों से सुलह करने के लिए। अल्लाह हमें इसे सही तरीके से गुजारने की तौफीक दे!
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