भाई
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लगातार नमाज़ का असर

अस्सलामु अलैकुम! क्या आपने अपनी नमाज़ नियमित करने के बाद अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में कोई बदलाव महसूस किया है? अपने अनुभव साझा करें, इंशाअल्लाह।

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भाई
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पता है सबसे कमाल की बात क्या है? जब से मैंने अपनी इशा और फज्र की नमाज़ ठीक की, मेरी नींद का शेड्यूल अपने आप ठीक हो गया। अब रात के तीन बजे फोन स्क्रॉल करने की आदत भी छूट गई।

भाई
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सच कहूं तो, ये दिन में पांच बार एक तरह का मानसिक रिफ्रेशमेंट है। गुस्से की समस्या काफी हद तक कम हो गई।

भाई
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भाई, सजदे के दौरान जो सुकून मिलता है, वो बेमिसाल है। सबसे बुरे काम के दिनों में भी मुझे संभाल लेता है। अल्लाह हमें इस पर कायम रखे।

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