एक प्रिय चचेरे भाई को याद करना: प्रार्थना और धैर्य के माध्यम से शोक से निपटना
आप सभी को अस्सलामु अलैकुम। मैं खुद को अपने उस चचेरे भाई के बारे में लगातार सोचते हुए पाती हूँ जो हाल ही में इंतक़ाल कर गया। वह ऐसी अनमोल रूह थे, और मैं सचमुच उनसे बहुत प्यार करती थी। इतनी कम उम्र में होने के कारण, उनके जाने को स्वीकार करना बेहद मुश्किल है। हर नमाज़ के बाद, ख़ास तौर पर उनके लिए दिल से दुआ करने के बाद, मैं रोए बिना नहीं रह पाती। मैं सचमुच उनके दयालु और प्यारे चेहरे को देखना बहुत याद कर रही हूँ। ईश्वर (सुब्हानहु व तआला) उन्हें जन्नत का सबसे ऊँचा दर्जा अता करे और इस कठिन समय में हमारे परिवार को सब्र प्रदान करे।