पोम्पियो हमेशा चीज़ों को इतने कड़े, सभ्यतागत शब्दों में पेश करता है। सोचता हूँ कि इस तरह की बातचीत वाकई तनाव कम करने में मदद करती है या बस सबको और कोने में धकेल देती है।
पोम्पियो हमेशा चीज़ों को इतने कड़े, सभ्यतागत शब्दों में पेश करता है। सोचता हूँ कि इस तरह की बातचीत वाकई तनाव कम करने में मदद करती है या बस सबको और कोने में धकेल देती है।
माइक पोम्पेओ अमेरिका-ईरान युद्ध, खाड़ी और क्यों होर्मुज जलडमरूमध्य की स्वतंत्रता का विकल्प अकल्पनीय है | द नेशनल
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