MUI-Kemenag उठाया AI 'नकली उस्तादज़ाह' का मुद्दा TikTok पर
TikTok अकाउंट @nia.hajar_s वायरल हो गया है, जिसके 10 लाख से ज़्यादा फ़ॉलोअर्स और 1.2 करोड़ लाइक्स हैं। इसमें एक महिला दाई (प्रचारक) दिखती है, जो असल में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) है। इंडोनेशियाई उलेमा काउंसिल (MUI) ने इसे 'नकली उस्तादज़ाह' करार दिया है और आगाह किया है कि इससे युवाओं के बीच धार्मिक संदर्भों में बदलाव आ सकता है। MUI के इन्फ़ोकॉमडिजी विभाग के चेयरमैन, मसदुकी बैदलोवी ने कहा कि फ़िलहाल इसके कंटेंट पर नज़र रखी जा रही है और इसे ब्लॉक करने की ज़रूरत नहीं है, लेकिन उन्होंने वसथियाह (संतुलन) के सिद्धांत की अहमियत पर ज़ोर दिया।
धार्मिक मामलों के मंत्रालय (Kemenag) के HDI ब्यूरो के प्रमुख, थोबिब अल-अश्यर ने पहले ही चेतावनी दी थी कि AI से मिली जानकारी को आलोचनात्मक ढंग से परखा जाए और विशेषज्ञों से तबाय्युन (पुष्टि) करवाई जाए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि AI के पास न तो ज्ञान की श्रृंखला (सनद) है, न कोई आदर्श चरित्र, और न ही वह नैतिक अधिकार जो दावत (इस्लाम का प्रचार) में ज़रूरी है, इसलिए अगर इसे एकमात्र संदर्भ बना लिया गया तो इससे गंभीर ग़लतियाँ हो सकती हैं।
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