इजराइली संसद भंग, नेतन्याहू का भविष्य अनिश्चित
इजराइली संसद (नेसेट) शुक्रवार (17/7/2026) को आधिकारिक रूप से भंग हो गई, जब 120 सदस्यों में से 62 ने भंग करने के पक्ष में मतदान किया। इस फैसले से 27 अक्टूबर को होने वाले आम चुनाव का रास्ता साफ हो गया है।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को अपनी कुर्सी बचाए रखने को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उनकी लोकप्रियता लगातार गिर रही है। पिछले चार सालों में उनकी दक्षिणपंथी गठबंधन सरकार ने कई विवादास्पद कानून पारित किए, जिनमें अटॉर्नी जनरल की शक्तियां छीनना और मीडिया पर सरकारी निगरानी बढ़ाना शामिल है।
संसद अध्यक्ष अमीर ओहाना ने सत्र का समापन करते हुए कहा कि यह सत्र विरोध प्रदर्शनों से भरा रहा और यह देश के इतिहास के सबसे लंबे युद्ध के दौरान हुआ। सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे नेतन्याहू पर दबाव बढ़ता जा रहा है, क्योंकि अधिकतर नागरिक 7 अक्टूबर 2023 की सुरक्षा विफलता पर गुस्से के चलते उनका इस्तीफा चाहते हैं।
आईडीएफ के पूर्व चीफ ऑफ जनरल स्टाफ गाडी आइजनकोट आगामी चुनाव में नेतन्याहू के सबसे मजबूत प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरे हैं।
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