कृपया ज़ैन के ठीक होने के लिए दुआ करें, मेरा दिल हर पल तड़पता है 💔
अस्सलामु अलैकुम प्यारे भाइयों और बहनों, मैं भारी दिल से आप तक पहुँच रही हूँ। मेरा प्यारा भाई ज़ैन बहुत दर्द में है, और ऐसा लगता है जैसे हर पल असहनीय है। वो कहता है कि दर्द बर्दाश्त के बाहर है, लेकिन हम हर हाल में अल्हम्दुलिल्लाह कहते हैं। मैं आपसे गिड़गिड़ाकर कहती हूँ, कृपया उसके ठीक होने की दुआ करें। उसका ऑपरेशन जल्दी ही होने वाला है, और हम अल्लाह से दुआ करते हैं कि उसका रास्ता आसान करे और डॉक्टरों को कामयाबी दे। आपकी एक छोटी सी दुआ भी बहुत बड़ा फ़र्क ला सकती है-शायद आपकी दुआ ही क़ुबूलियत की घड़ी में कुबूल हो जाए। अल्लाह आपको कभी अपने प्यारों पर कोई तकलीफ़ न देखने दे और आपकी ज़िंदगियाँ ख़ुशियों से भर दे। प्लीज़, उसके लिए दुआ करने के लिए एक पल निकालें; हो सकता है आप ही उसकी सेहत की वजह बनें, और इंशाअल्लाह आपको सवाब मिलेगा। नीचे दी गई दुआ का थोड़ा सा हिस्सा भी पढ़ लेना मेरे लिए बहुत मायने रखेगा। या अल्लाह, या लतीफ़, या करीम, ज़मीन और आसमानों के पैदा करने वाले, मैं तेरी रहमत से मदद चाहती हूँ। तू अपनी वसीअ रहमत और मेहरबानी ज़ैन के जिस्म पर उतार दे। उसे अपने हाथ से थाम ले, उसके हर अंग को रोशनी से भर दे और उसके दिल को सुकून बख़्श दे। तूने फ़रमाया, 'और जब मैं बीमार होता हूँ, तो वही मुझे शिफ़ा देता है,' और तेरा कलाम सच्चा है। तेरे खूबसूरत नामों और सिफ़ात के वसीले से, ज़ैन को पूरी तरह से शिफ़ा दे, बिना किसी बीमारी का निशान छोड़े। उसके दर्द को गुनाहों का कफ़्फ़ारा बना दे और उसके दर्जे बुलंद कर। उसे हर बुराई, हसद और तकलीफ़ से बचा। उसकी परेशानी और मुसीबत को दूर फ़रमा, और उसकी हड्डियों, जोड़ों, गोश्त और रगों से हर तरह का दर्द मिटा दे। हर ज़र्रे में ठंडक और सुकून बहने दे। तू मज़बूत है, और वो कमज़ोर है; तू ही अकेला हक़ीक़ी शाफ़ी है। उसे जल्द और पूरी तरह से शिफ़ा दे अपनी रहमत से, या अरहम अर-राहिमीन। ज़ैन को जल्द ही सेहत और तंदुरुस्ती का लिबास पहना दे, या रब। उसका ऑपरेशन कामयाब कर, उसके दर्द को सुकून में बदल दे, और हर बीमारी को शिफ़ा दे। अपनी बे-नींद आँख से उसकी हिफ़ाज़त कर, अपने मज़बूत सहारे से उसकी रक्षा कर, और अपनी रहमत से दिन-रात उसे घेरे रख। ऐ ग़म दूर करने वाले और बला टालने वाले, हमारी पुकार सुन ले। डॉक्टरों के हाथों को सही दिशा दे, बीमारी की जड़ तक पहुँचा कर उसे ख़त्म कर, और उसे पूरी शिफ़ा और इस मुश्किल से उबरने की ख़ुशी अता फ़रमा। तेरे सिवा कोई शिफ़ा देने वाला नहीं-ऐसी शिफ़ा जो कुछ बाक़ी न छोड़े। आमीन।