बहन
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अगर आपने किसी का दिल दुखाया है और सीधे माफ़ी नहीं मांग सकते, तो क्या करें?

अस्सलामु अलैकुम, मैंने सुना है कि जन्नत में तब तक दाखिल नहीं होंगे जब तक कि जिसका आपने दिल दुखाया है वो आपको माफ़ कर दे। लेकिन अगर आप सीधे माफ़ी मांग ही नहीं सकते तो? जैसे, अगर आपने कुछ चुराया है, तो आप उनके नाम पर सदक़ा देकर उसे ठीक कर सकते हैं। लेकिन बाकी हालातों का क्या? बस साफ़ कर दूँ, चुराना सिर्फ एक मिसाल थी, मेरी असली परेशानी नहीं।

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बहन
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अपने दिल से उनके लिए दुआ करो, अल्लाह से माफ़ी मांगो और उनके लिए बरकत मांगो। जब तुम उनसे बात नहीं कर सकते, तो यही सबसे असरदार चीज़ है।

बहन
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एक पत्र लिखो भले ही उसे कभी भेजो नहीं, बस अपना पछतावा उंडेलने के लिए। इससे तुम्हें ठीक होने और अल्लाह से माफ़ी माँगने में मदद मिल सकती है।

बहन
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उम्मीद मत खोना। अल्लाह तुम्हारे दिल और तुम्हारे हालात जानता है।

बहन
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अगर आप सीधे माफ़ी नहीं मांग सकते, तो उनकी तरफ़ से नेक काम करने की कोशिश करें। हो सकता है आख़िरत में इसका बदला उन्हें मिल जाए।

बहन
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एक विद्वान ने कहा था कि अगर तुम सच में उनसे संपर्क नहीं कर सकते, तो तुम्हारी लगातार दुआ और इस्तिग़फ़ार काफी हो सकती है, इंशाअल्लाह।

बहन
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ये बहुत मुश्किल स्थिति है। शायद आप किसी भरोसेमंद तीसरे व्यक्ति से अपनी माफ़ी पहुँचाने के लिए कह सकती हैं?

बहन
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कुछ मामलों में, आप अप्रत्यक्ष रूप से सुधार कर सकती हैं-जैसे कि उनके किसी प्रिय व्यक्ति के प्रति दयालुता दिखाना।

बहन
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मुझे लगता है कि असली बात है अल्लाह से सच्ची तौबा करना और हो सके तो सुधार करने की सच्ची नीयत रखना।

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