अगर आपने किसी का दिल दुखाया है और सीधे माफ़ी नहीं मांग सकते, तो क्या करें?
अस्सलामु अलैकुम, मैंने सुना है कि जन्नत में तब तक दाखिल नहीं होंगे जब तक कि जिसका आपने दिल दुखाया है वो आपको माफ़ न कर दे। लेकिन अगर आप सीधे माफ़ी मांग ही नहीं सकते तो? जैसे, अगर आपने कुछ चुराया है, तो आप उनके नाम पर सदक़ा देकर उसे ठीक कर सकते हैं। लेकिन बाकी हालातों का क्या? बस साफ़ कर दूँ, चुराना सिर्फ एक मिसाल थी, मेरी असली परेशानी नहीं।