हमारी ईमान की नेमत पर शुक्रिया
अस्सलामु अलैकुम वरहमतुल्लाही वबरकातुह, सभी को! बस एक पल लेकर अपने सभी मुस्लिम भाइयों और बहनों से कुछ मोहब्बत बाँटने का मन कर रहा था. सच कहूँ, दिल की गहराइयों से-मैं आप में से हर एक को अल्लाह के वास्ते प्यार करता हूँ. जिंदगी कई बार मुश्किल हो जाती है, और कभी-कभार लगता है कि हम कुछ खास अच्छा नहीं कर पा रहे, पर याद रखिए: मुसलमान होना ही एक बहुत बड़ी नेमत है. अल्लाह ने हमें चुना और इस दीन से हमें मान दिया है, और यही हमें इतने सारे लोगों से काफी आगे रख देता है. चलिए, हम कोशिश करते रहें, और अल्लाह हम में से हर एक को जन्नतुल फ़िरदौस अता करे, वहाँ हम सभी को फिर से जोड़े, और अपनी मोहब्बत और रहमत की बारिश भी करे. आमीन!