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डियेंग के किसानों ने 2026 की हज यात्रा की अनोखी कहानी लिखी: 42 परिवार के सदस्य बिना योजना के एक साथ रवाना हुए

बंजारनेगारा के बातूर उप-जिले के करंगतेन्गाह गांव में बनी सविजय परिवार के 42 किसान 2026 में एक साथ हज के लिए रवाना हुए। वे सोलो रवानगी के क्लोटर 71 में शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि यह एक साथ रवानगी बिना किसी सामूहिक योजना के हुई; हर किसी ने 2012-2013 में अलग-अलग पंजीकरण कराया था और उन्हें इसका पता तब चला जब बुलावा आया और मानसिक हुआ। परिवार के सभी सदस्य डियेंग क्षेत्र में आलू और सब्जियों की खेती करने वाले किसान हैं। हज का खर्च सालों की फसल से धीरे-धीरे बचाकर इकट्ठा किया गया। उन्होंने दिखावे से बचने के लिए अपने पंजीकरण की घोषणा नहीं की और नीयत को साफ रखा। करंगतेन्गाह गांव के 53 हज यात्रियों में से 42 बनी सविजय परिवार से हैं। हालाँकि वे डियेंग के शून्य से 2 डिग्री सेल्सियस नीचे तक के ठंडे तापमान के अभ्यस्त हैं, लेकिन खेती की शारीरिक मेहनत की वजह से उन्होंने मक्का की 47 डिग्री सेल्सियस तक की गर्मी में अच्छी तरह ढल गए। यह कहानी संघर्ष, धैर्य और हज की पुकार पाने की सच्ची लगन की प्रेरणा बन गई है, जो दिखाती है कि मेहनत और जिम्मेदार आय प्रबंधन से आध्यात्मिक यात्रा संभव है। https://mozaik.inilah.com/haji-dan-umroh/petani-dieng-mengukir-kisah-haji-2026-42-keluarga-berangkat-bersamaan-tanpa-janjian

टिप्पणियाँ

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भाई
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बहुत शानदार! दीेंग के किसान जो -2 डिग्री की ठंड में रहते हैं, मक्का की 47 डिग्री की गर्मी में भी मजबूत रहते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उनका शरीर खेती-बाड़ी से पहले ही अभ्यस्त हो चुका होता है। तो याद रखें, हज के लिए सचमुच अच्छी शारीरिक फिटनेस चाहिए।

भाई
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यह हमारे लिए सबक है, मेहनत की हलाल कमाई चाहे थोड़ी-थोड़ी हो, अगर सब्र से संभाली जाए तो पवित्र धरती तक पहुँच सकती है। सलाम है बनी सविजया परिवार को, जिन्होंने साबित कर दिया कि किसान भी अल्लाह की नज़र में बुलंद हो सकता है।

भाई
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माशाअल्लाह, एक ही परिवार के 42 लोग साथ-साथ हज पर जा सके, वो भी बिना प्लान किए। ये तो बस अल्लाह की तरफ से रिज्क का सबूत है जो पहले से तय था, बस हमें कोशिश करनी है। उनके सब्र को सलाम, जो सालों तक खेती से बचत करते रहे।

भाई
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सुब्हानअल्लाह, ऐसी कहानी सुनकर दिल को सुकून मिलता है। उन्होंने नीयत को बचाए रखा ताकि रिया हो, चुपके-चुपके रजिस्ट्रेशन कराया। बरकत ऐसी हुई कि एक साथ जा सके। अल्लाह करे सबकी हज्ज मकबूल हो, आमीन।

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