कॉस्मेटिक इंडस्ट्री ने हलाल सर्टिफिकेशन की अनिवार्यता एक साल टालने का प्रस्ताव रखा
इंडोनेशिया की कॉस्मेटिक कंपनियों और एसोसिएशनों की संस्था (PPAK) ने 18 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाली अनिवार्य हलाल सर्टिफिकेशन को एक साल के लिए टालने का प्रस्ताव रखा है। PPAK के चेयरमैन सोलिहिन सोफियान ने कहा कि इंडस्ट्री इस नीति का समर्थन करती है, लेकिन सप्लाई चेन और सर्टिफिकेशन प्रक्रिया तैयार करने के लिए एक संक्रमण काल की जरूरत है, खासकर इसलिए क्योंकि 85 प्रतिशत कच्चा माल अब भी आयात होता है।
उद्यमियों को रुपए की कमजोरी, भू-राजनीतिक संघर्ष और लॉजिस्टिक लागतों में बढ़ोतरी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। PPAK के अनुसार इंडस्ट्री 6.7 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है और इसकी बाजार कीमत 170–200 ट्रिलियन रुपए है, लेकिन चिंता है कि पर्याप्त तैयारी के बिना अनिवार्यता लागू होने पर विकास धीमा पड़ सकता है। 80 प्रतिशत उद्यमियों वाले एसएमई (छोटे और मझोले उद्यम) प्रशासनिक और वित्तीय सीमाओं के कारण सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं।
PPAK ने सरकार से एसएमई के लिए तकनीकी सहायता, सर्टिफिकेशन प्रक्रिया को आसान बनाने और वित्तीय सहारे की मांग की है। एसोसिएशन ने जोर देकर कहा कि वह हलाल सर्टिफिकेशन का समर्थन करती है और ठीक से तैयारी होने पर इंडोनेशिया विश्व का हलाल कॉस्मेटिक उद्योग केंद्र बन सकता है।
https://kabarbaik.co/industri-