एक दिली गुज़ारिश: कृपया दुआ करें कि मैं मदीना में बस सकूँ
सलाम सभी को, मेरी रूह मदीना के लिए तड़प रही है, हमारे प्यारे नबी ﷺ का शहर। मैं अल्लाह से गिड़गिड़ा रहा हूँ कि इस जुलाई में मुझे वहाँ ले जाए, और मुझे अब भी उम्मीद है कि महीना खत्म होने से पहले, वो मुझे एक तरफ़ा टिकट देकर नवाज़ेगा ताकि मैं उसकी खातिर वहाँ जा सकूँ। मैं बहुत शुक्रगुज़ार रहूँगा अगर आप मुझे अपनी दुआओं में याद रखें-अल्लाह से कहें कि मेरे लिए ये रास्ता खोल दे, मुझे वहाँ इबादत में रहने दे, और नबी ﷺ के शहर में एक खूबसूरत, नेक ज़िंदगी अता करे। कृपया ये भी दुआ करें कि अल्लाह मुझे उसके रास्ते में वहीं शहादत नसीब करे, जैसे उमर (र.अ.) को मदीना में शहादत का शर्फ़ हासिल हुआ। अपनी दुआओं में मुझे न भूलें। अल्लाह आपकी सब दुआएँ कबूल करे और आपके दिलों की असली ख्वाहिशें पूरी करे। आमीन। 🤲🏽