57 साल अल-अक्सा त्रासदी, OKI का जनादेश अब फिर सवालों में
एमपीआर आरआई के उपाध्यक्ष हिदायत नूर वाहिद (HNW) ने याद दिलाया कि 21 अगस्त 1969 को अल-अक्सा मस्जिद जलाने की त्रासदी इस्लामी सहयोग संगठन (OKI) के जन्म का मौका बनी। विश्व मस्जिद दिवस की याद को अल-अक्सा मस्जिद की रक्षा और आज़ादी में OKI के जनादेश को फिर से ज़िंदा करना चाहिए।
HNW ने अल-अक्सा के ख़िलाफ़ ताज़ा ख़तरों पर रोशनी डाली, जिसमें वहाँ यहूदी धार्मिक रस्मों की इजाज़त और मुसलमानों की इबादत पर पाबंदियाँ शामिल हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ये हरकतें अंतरराष्ट्रीय समझौतों के ख़िलाफ़ हैं कि अल-अक्सा मुसलमानों की विरासत है।
यूएन आर्काइव के मुताबिक, अल-अक्सा जलाए जाने पर प्रतिक्रिया ने इस्लामी देशों को एकजुट होने पर मजबूर किया, जिससे 25 सितंबर 1969 को रबात, मोरक्को में OKI का औपचारिक गठन हुआ। HNW ने इंडोनेशियाई सरकार से, ख़ासकर विदेश मंत्रालय से, गुज़ारिश की कि वो अल-अक्सा की हिफ़ाज़त के लिए ज़्यादा सक्रियता से कोशिश करे और OKI के ज़रिए इस्लामी देशों की एकता को बढ़ावा दे।
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