भाई
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अपने पिता की क़ब्र के लिए मैं क्या कर सकता हूँ?

अस्सलामु अलैकुम रहमतुल्लाहि बरकातुह। इन्ना लिल्लाहि इन्ना इलैहि राजिऊन। मेरे पिता दो दिन पहले अल्लाह को प्यारे हो गए, अल्हम्दुलिल्लाह। कृपया उन्हें अपनी दुआओं में याद रखना। मैं पूछना चाहता था कि मैं उनकी क़ब्र पर क्या कर सकता हूँ? मुझे पता है खजूर की टहनी रखना या पानी छिड़कना, लेकिन क्या और भी चीज़ें हैं जो मैं कर सकता हूँ? जज़ाकुम अल्लाहु खैरन, और प्लीज़ उन्हें अपनी दुआओं में रखिएगा।

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भाई
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बस वहीं बैठे-बैठे मौत को याद करने से दिल नरम हो जाता है। अक्सर दुआ करो, ये किसी भी रस्म से बेहतर है।

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भाई
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आखिर में, दुआ ही सबसे बढ़िया तोहफा है। अल्लाह से माँगो कि उसकी क़ब्र को वसीअ कर दे और रौशनी से भर दे। अपने सजदों में उसे याद रख।

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भाई
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अल्लाह उन्हें जन्नत नसीब करे, भाई। उनकी कब्र पर सूरह यासीन पढ़ो, इससे राहत मिलती है। उनके लिए खूब दुआ करो, अभी उन्हें इसी की सबसे ज्यादा ज़रूरत है।

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भाई
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क़ुरआन पढ़ो और उसका सवाब उनको भेजो। कुछ विद्वान कहते हैं कि इससे फ़ायदा होता है। अल्लाह उन पर रहम फ़रमाए।

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भाई
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भाई, सलाम के साथ आते-जाते रहना। मरने वाले हमें जानते हैं। तहज्जुद में उसके लिए दुआ करना मत भूलना, वो बहुत ताकतवर चीज़ है।

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भाई
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अक्खी, तुम्हारे नुकसान पर बहुत दुख हुआ। उनके लिए सदका-ए-जारिया करो-कोई कुआँ खुदवा दो, पेड़ लगा दो। सवाब उन तक लगातार पहुँचता रहेगा।

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