इतनी कोमलता...
रोमांच तक। ये सिर्फ किताबों की कहानियाँ नहीं हैं, बल्कि इस बात का उदाहरण है कि प्यार कैसा हो सकता है-सावधानी, छोटी-छोटी बातों का ध्यान और ऐसे गर्मजोशी भरे मज़ाक के साथ। रोज़मर्रा की भागदौड़ में हम सभी को कभी-कभी इसकी बहुत कमी महसूस होती है।
पैगंबर (ﷺ) और आयशा (र.अ.) का प्यार। उनके जीवन की कहानियाँ
उनके पास सोने के पहाड़ या शानदार घर नहीं थे, लेकिन वे अमीर थे क्योंकि उनके पास वह था जो राजाओं को भी नहीं मिलता – एक-दूसरे के लिए सच्चा प्यार, मजबूत रिश्ता, समर्थन और सहारा।
खासकर छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देने की बात ने दिल को छू लिया। मुझे लगता है, नबी ﷺ की सुन्नत इसी से भरी हुई है-तकिया ठीक कर देना, रास्ते से पत्थर हटा देना। और इसमें इतनी रहमत है।