सऊदी ने 300 साल पुराने उस्मानी दौर के काबा के दुर्लभ सोने के कलाकृति का प्रदर्शन किया
सऊदी अरब सरकार ने दो पवित्र मस्जिदों की वास्तुकला प्रदर्शनी के ज़रिए वो ख़ालिस सोने की पट्टिका दिखाई, जो कभी काबा के दरवाज़े के ऊपरी हिस्से की शोभा बढ़ाती थी। ये कलाकृति 1119 हिजरी (1707 ईस्वी) की है और इसमें छह हिस्से हैं जिन पर ख़ूबसूरत इस्लामी ख़त्ताती में क़ुरआन की आयतें खुदी हुई हैं।
ये सोने की पट्टिका बैतुल्लाह की तीन सौ साल से ज़्यादा की देखभाल की गवाह है। इस प्रदर्शनी में मस्जिद अल-हरम और मस्जिदे नबवी के विस्तार से जुड़े मॉडल, दस्तावेज़ी तस्वीरें और दुर्लभ काग़ज़ात भी दिखाए गए हैं।
आगंतुक काबा की वास्तुकला का इतिहास और उस इस्लामी कला की परंपरा को जान सकते हैं जो दो पवित्र मस्जिदों की देख-रेख में रची-बसी है। ये प्रदर्शनी मुसलमानों को इस्लामी सभ्यता की विरासत से जोड़ने का एक शिक्षाप्रद ज़रिया है।
https://mozaik.inilah.com/news