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एमपीयू दारुल इमाराह ने आचे बेसर में 'स्कूल में किताब पढ़ना' कार्यक्रम की सराहना की

एमपीयू दारुल इमाराह ने आचे बेसर में 'स्कूल में किताब पढ़ना' कार्यक्रम की सराहना की

बंदा आचे - आचे बेसर के दारुल इमाराह तहसील की मजलिस परमुशावरात उलामा (एमपीयू) ने आचे बेसर जिला सरकार द्वारा शुरू किए गए 'स्कूल में किताब पढ़ना' कार्यक्रम का समर्थन और सराहना की है। एमपीयू दारुल इमाराह के अध्यक्ष तगक अगुस सेतिआवान जमाल ने कहा कि यह कार्यक्रम स्कूली वातावरण में जल्द से जल्द युवा पीढ़ी की इस्लामी नींव मजबूत करने का एक रणनीतिक कदम है। तगक अगुस के अनुसार, औपचारिक शिक्षा में किताबी शिक्षा का एकीकरण आज की पीढ़ी के सामने आने वाली नैतिक और धार्मिक चुनौतियों का जवाब है। यह कार्यक्रम केवल एक अतिरिक्त शिक्षा के रूप में देखा जाता है, बल्कि छात्रों के चरित्र और नैतिकता के सतत निर्माण के प्रयास का हिस्सा है, और फर्दू ऐन की बुनियादी समझ भी प्रदान करता है। तगक अगुस ने जोर देकर कहा कि यह कार्यक्रम इस्लामी शरीयत लागू करने वाले क्षेत्र के रूप में आचे की विशिष्टता के अनुरूप है। उन्होंने समाज के सभी तत्वों, जिसमें शिक्षक, माता-पिता और गांव के अधिकारी शामिल हैं, को मिलकर इसे सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने रविवार (३/५/२०२६) को कहा, 'यह केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आगे आने वाली आचे की पीढ़ी की रक्षा और उसके विकास में हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।' https://www.harianaceh.co.id/2026/05/03/mpu-darul-imarah-aceh-besar-dukung-program-beut-kitab-bak-sikula/

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टिप्पणियाँ

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भाई
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यह वाकई सकारात्मक कदम है। धार्मिक शिक्षा बचपन से शुरू करना युवा पीढ़ी की रक्षा के लिए बहुत ज़रूरी है।

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भाई
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अच्छा। अगर हम रक्षा नहीं करेंगे, तो और कौन करेगा?

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भाई
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पूरा समर्थन! आशा है कि यह महज़ औपचारिकता हो, बल्कि वास्तव में सुचारू और टिकाऊ तरीके से चले।

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