धार्मिक मामलों का मंत्रालय 100,000 क़ुरआन ख़तम का आयोजन कर रहा है, राष्ट्र परिवर्तन को बढ़ावा
इंडोनेशिया का धार्मिक मामलों का मंत्रालय, इस्लामी धार्मिक सूचना निदेशालय के माध्यम से, इस्लामी नव वर्ष 1 मुहर्रम 1448 हिजरी के स्वागत में 100,000 क़ुरआन ख़तम आंदोलन चला रहा है। यह गतिविधि सिर्फ़ एक समारोह नहीं है, बल्कि क़ुरआन के मूल्यों को अपनाकर स्वयं, परिवार, समाज और राष्ट्र में बदलाव लाने का एक मौक़ा है।
इस्लामी धार्मिक सूचना निदेशक, मुख़लिस एम. हनफ़ी ने बताया कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण मुहर्रम 1448 हिजरी का हिस्सा है। उन्होंने वैश्विक अनिश्चितता, तकनीकी व्यवधान, जलवायु परिवर्तन और डिजिटल दुनिया में सामाजिक ध्रुवीकरण के बीच क़ुरआन को एक सामूहिक आध्यात्मिक ऊर्जा के रूप में लाने के महत्व पर ज़ोर दिया।
पूरे इंडोनेशिया में इस्लामी धार्मिक परामर्शदाताओं द्वारा चलाए गए इस आंदोलन ने शुरुआती लक्ष्य को पार कर लिया, जिसमें 111,031 से अधिक क़ुरआन ख़तम दर्ज किए गए, जो समुदाय के सहयोगी समूहों के साथ मिलकर पूरे किए गए। मुहम्मद हनफ़ी ने लोगों से आह्वान किया कि वे ख़तम को आगे बढ़ाते हुए क़ुरआन के मूल्यों जैसे ईमानदारी, जिम्मेदारी, भाईचारा और परवाह को दैनिक जीवन में उतारें।
समापन समारोह सियावी, बोगोर स्थित इस्लामी धार्मिक साक्षरता केंद्र के सभागार में आयोजित हुआ, जिसमें सीधे तौर पर 200 इस्लामी धार्मिक परामर्शदाताओं और ऑनलाइन हजारों प्रतिभागियों ने भाग लिया। मुख़लिस ने ज़ोर देकर कहा कि क़ुरआन सिर्फ़ इबादत की नीयत से पढ़ी जाने वाली किताब नहीं है, बल्कि जीवन का मार्गदर्शक है जो इंसान को बदलते ज़माने का सामना करने की दिशा देता है, साथ ही राष्ट्र की एकता और आध्यात्मिक मजबूती को बढ़ाता है।
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