मैं तो केवल मुसीबत में ही अल्लाह को याद करती हूँ
अस्सलामु अलैकुम, मैं अपने आप से बहुत शर्मिंदा हूँ, सच कहूँ तो मुझे लगता है कि मैं पूरी तरह मुनाफ़िक हूँ। इस वक़्त मैं बहुत मुश्किल दौर से गुज़र रही हूँ और मेरे दिमाग़ में बस अल्लाह से मदद माँगने के ख़्याल आ रहे हैं। लेकिन मेरे अमाल हाल ही में बहुत ख़राब रहे हैं। सबसे डरावनी बात यह है कि जैसे ही यह मुश्किल दूर होगी, मैं फिर से अपनी पुरानी आदतों में लौट जाऊँगी और उसे फिर भूल जाऊँगी।