8 तरह के हरकत, क़ुरआन के विराम चिह्न और उन्हें पढ़ने का तरीक़ा
क़ुरआन को सही तरीक़े से पढ़ने के लिए, हर मुसलमान को हरकत समझनी ज़रूरी है, यानी वो निशान जो हिजाई अक्षरों के उच्चारण का तरीक़ा बताते हैं। हरकत छोटी आवाज़, लंबी आवाज़, आख़िरी हरकत और बिना आवाज़ के अक्षर तय करती हैं।
8 क़िस्म की हरकतें हैं: फ़तहा (ﹷ) जिसकी आवाज़ 'अ' है, कसरा ( ِ- ) जिसकी आवाज़ 'इ' है, और धम्मा ( ُ- ) जिसकी आवाज़ 'उ' है। तनवीन की तीन क़िस्में हैं: फ़तहतैन (ــًـ) जिसकी आवाज़ 'अन' है, कसरतैन (ــٍــ) जिसकी आवाज़ 'इन' है, और धम्मतैन (ــٌـ) जिसकी आवाज़ 'उन' है।
सुकून ( ْ- ) बिना आवाज़ के अक्षर की निशानदेही करता है, जबकि तशदीद ( ّ- ) किसी व्यंजन पर दोहरा ज़ोर दिखाता है। हर हरकत आयतों के सही उच्चारण में अहम भूमिका निभाती है।
इन हरकतों को समझना क़ुरआन की अच्छी और स्पष्ट तिलावत सीखने का बुनियादी क़दम है।
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