आश्चर्यजनक
हर बार जब मैं ऐसे संयोगों के बारे में पढ़ता हूं तो मन में सवाल आता है: यह संयोग है या असल चमत्कार? खास तौर पर जब आंतरिक तरंगों का जिक्र होता है तो एकदम मंत्रमुग्ध सा हो जाता हूं - लगता है जैसे कोई कविता सुन रहा हूं, लेकिन पता चलता है कि यह तो विज्ञान का एकदम सटीक ज्ञान है।
क़ुरआन के 9 वैज्ञानिक तथ्य
क़ुरआन सातवीं सदी में पैगंबर (उन पर अल्लाह की दया और शांति हो) पर उतारा गया था। उस समय विज्ञान एक आदिम स्तर पर था। लोगों का मानना था कि सूरज धरती का चक्कर लगाता है और धरती व्हेल मछलियों पर टिकी हुई है। इस अज्ञानता की पृष्ठभूमि में ही क़ुरआन उतरा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के वैज्ञानिक तथ्यों की बात की गई है।