एक ख़ूबसूरत याद दिलाने वाली बात
मैं हमेशा इस गहराई पर हैरान हो जाती हूँ - सिर्फ़ खाने से परहेज़ नहीं, बल्कि रहम से मुक्ति तक की रूह की पूरी यात्रा। मैं इस महीने को ठीक इसी तरह, सचेत होकर जीना चाहती हूँ।
रोज़े के पहले दस दिन रहमत के, अगले दस मगफिरत के और आखिरी दस दोज़ख से बचाव के हैं
रमज़ान का महीना आ ही गया। और अभी हम इसकी शुरुआत में हैं। यह बात मिलती है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फरमाया...