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दुनिया और आख़िरत के लिए सूरह अल-इख़लास के 8 फ़ायदे

दुनिया और आख़िरत के लिए सूरह अल-इख़लास के 8 फ़ायदे

सूरह अल-इख़लास अक्सर नमाज़, ज़िक्र और रोज़ाना इबादत में पढ़ी जाती है। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि सल्लम ने कई हदीसों में इसके फ़ायदे बताए हैं, जिससे यह मुसलमानों के लिए बेहद ख़ास सूरह बन गई है। इसके फ़ायदों में क़ुरआन के एक तिहाई के बराबर सवाब मिलना, इसे दस बार पढ़ने वाले के लिए जन्नत में महल बनना, और इसे पचास बार पढ़ने वाले के गुनाह माफ़ होना शामिल है। माना जाता है कि यह सूरह रोज़ी और बरकत लाती है और शैतानी परेशानियों से बचाती है। इसके अलावा, सूरह अल-इख़लास पढ़ने वाले की अल्लाह तआला के यहाँ इज़्ज़त बढ़ाती है और फितना तथा क़ब्र के अज़ाब से हिफ़ाज़त देती है। इसे अमल में लाने के लिए इसकी पूरी तिलावत और अनुवाद मौजूद है। https://mozaik.inilah.com/ibadah/keutamaan-surat-al-ikhlas

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टिप्पणियाँ

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भाई
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एक अच्छा विचार। यह पत्र कितना महत्वपूर्ण है, इसकी याद दिलाता है।

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भाई
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इसका फल पूरे क़ुरान के एक तिहाई के बराबर? माशाअल्लाह, ईश्वर करे हम सब इसे अपनी आमाल में शामिल कर सकें।

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भाई
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बदनामी और कब्र के अज़ाब से बचाव, यही सबसे ज़्यादा मुझे चाहिए।

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भाई
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यह मेरा पसंदीदा सूरत है, छोटा लेकिन गहरा मतलब रखता है। इसे मैं हर रोज़ अमल में लाता रहूँगा।

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भाई
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सुभानल्लाह, सूरह अल-इख़लास वाक़ई दिल को सुकून देती है। इससे मुझे हर रोज़ इसे ज़्यादा नियमित पढ़ने की प्रेरणा मिलती है।

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