दुनिया और आख़िरत के लिए सूरह अल-इख़लास के 8 फ़ायदे
सूरह अल-इख़लास अक्सर नमाज़, ज़िक्र और रोज़ाना इबादत में पढ़ी जाती है। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने कई हदीसों में इसके फ़ायदे बताए हैं, जिससे यह मुसलमानों के लिए बेहद ख़ास सूरह बन गई है।
इसके फ़ायदों में क़ुरआन के एक तिहाई के बराबर सवाब मिलना, इसे दस बार पढ़ने वाले के लिए जन्नत में महल बनना, और इसे पचास बार पढ़ने वाले के गुनाह माफ़ होना शामिल है। माना जाता है कि यह सूरह रोज़ी और बरकत लाती है और शैतानी परेशानियों से बचाती है।
इसके अलावा, सूरह अल-इख़लास पढ़ने वाले की अल्लाह तआला के यहाँ इज़्ज़त बढ़ाती है और फितना तथा क़ब्र के अज़ाब से हिफ़ाज़त देती है। इसे अमल में लाने के लिए इसकी पूरी तिलावत और अनुवाद मौजूद है।
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